लूप और सूक्ष्मदर्शी
आवर्धन पहली जाँच है और सबसे अधिक बरती जाने वाली भी। मानक लूप (loupe) 10× का ट्रिपलेट है: तीन चिपकाए गए लेंस, जो रंग के किनारों (वर्ण विपथन) और किनारे के धुँधलेपन (गोलीय विपथन) को सुधारते हैं। दस गुना आवर्धन हीरे की क्लैरिटी ग्रेडिंग का संदर्भ आवर्धन है। US Federal Trade Commission “flawless” शब्द को ऐसे पत्थर से बाँधता है जिसमें हीरा ग्रेडिंग में कुशल व्यक्ति पर्याप्त रोशनी में, सुधारे हुए आवर्धक से 10 गुना पर देखने पर कोई ब्लेमिश न पाए। अधिक ताक़त के हाथ-लेंसों का दृष्टि-क्षेत्र सँकरा और फ़ोकस उथला होता है, इसलिए उन्हें बरतना कठिन है।
रत्नविज्ञानीय सूक्ष्मदर्शी (gemological microscope) एक द्विनेत्री त्रिविम सूक्ष्मदर्शी है, जिसकी रोशनी रत्नों के लिए बनी होती है। डार्कफ़ील्ड (darkfield) रोशनी में एक परदा सीधे प्रकाश को रोक देता है, जिससे इंक्लूजन काली पृष्ठभूमि पर चमकते हैं। ब्राइटफ़ील्ड (brightfield) कम उभार वाले लक्षण और घुमावदार वृद्धि-रेखाएँ गहरी आकृतियों के रूप में दिखाता है, और ऊपर से या फ़ाइबर-ऑप्टिक रोशनी पॉलिश के निशान तथा गड्ढे उजागर करती है। पत्थर को द्रव में डुबोने से सतह के परावर्तन घटते हैं और कलर ज़ोनिंग देखना आसान हो जाता है। GIA दर्ज करता है कि सूक्ष्मदर्शी से क्या मिलेगा, यह बरतने वाले पर निर्भर करता है, जिसे वर्षों का प्रशिक्षण चाहिए।
रत्नविज्ञानी निदानक लक्षण खोजते हैं: ज्वाला-संगलन वाले सिंथेटिक कोरंडम में घुमावदार धारियाँ तथा गैस बुलबुले, फ्लक्स से उगे पत्थरों में फ्लक्स के फ़िंगरप्रिंट तथा प्लैटिनम की पट्टिकाएँ, सिंथेटिक मॉइसेनाइट में पत्थर झुकाने पर दिखते दुहरे पहलू-जोड़, और उपचारित हीरों में भरी हुई दरारों पर चमक-प्रभाव।