औद्योगिक हीरे
औद्योगिक हीरा वह हीरा है जो रूप के बजाय प्रदर्शन के लिए चुना जाता है, और उसका लगभग सारा हिस्सा कारख़ानों में बनता है। US Geological Survey बताता है कि 2025 में वैश्विक औद्योगिक हीरा उत्पादन तथा खपत का 99% से अधिक हिस्सा कृत्रिम पदार्थ था, और निर्मित औद्योगिक हीरे का विश्व उत्पादन 15 अरब कैरेट से ऊपर रहा। चीन सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस, और ये तीनों मिलकर कृत्रिम उत्पादन का लगभग 99% हिस्सा रखते हैं।
यह उद्योग General Electric में शुरू हुआ, जहाँ Tracy Hall ने 16 दिसंबर 1954 को अपने “belt” प्रेस में दोहराया जा सकने वाला संश्लेषण किया, जो एक उच्च दाब, उच्च ताप (HPHT) उपकरण है और पिघले लोहे के उत्प्रेरक की मदद से ग्रैफ़ाइट को हीरे में बदल देता है। GE ने फ़रवरी 1955 में यह परिणाम घोषित किया।
अधिकांश औद्योगिक हीरा अपघर्षक (abrasive) के रूप में काम आता है: घिसाई के पहियों में बँधे कण, कंक्रीट तथा पत्थर के लिए आरी के खंड, तार आरियाँ और पॉलिश के चूर्ण। ड्रिलिंग दूसरा बड़ा उपयोग है। GE ने 1971 में बहुक्रिस्टलीय हीरा संहत (polycrystalline diamond compact, PDC) का आविष्कार किया, जो टंगस्टन कार्बाइड से जुड़ी सिंटर किए हीरे की एक परत है, और 1976 से PDC कटर बेचने लगी। Baker Hughes के एक अभियंता के 2015 के इतिहास ने बताया कि तेल तथा गैस के कुओं में दुनिया भर की 90% से अधिक खुदाई PDC बिट करते हैं। हीरे की नोक वाले औज़ार एल्युमिनियम मिश्रातुओं, संयुक्त पदार्थों और सिरैमिक को भी काटते हैं, पर इस्पात पर वे जल्दी घिस जाते हैं क्योंकि गरम लोहा कार्बन को घोल लेता है।